Sunday, July 31, 2016 10:47 PM

Luki chupi dari dari ki Sushma shresth and Narendra Singh Negi |Fyoli jwan hwe ge




लुकी छुपी डरी डरी की
मन मा सांसों भरी की
लुकी छुपी डरी डरी की
मन मा सांसों भरी की
त्वै मिलण अयों छो
सौ सिंगार करि की
रूण झुण बरखा की झड़ी मा हाय
सौण भादों की कोयेड़ी मा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
(लड़की कहती हे की छुपते छुपाते डर डर के ,
मन में सांस भरते हुए ..तुझसे मिलने आई हू
इस बारिश और कोहरे में इतना सज संवर के ..

अब तो आजा हे प्रिय आजा )
.
लुकी छुपी डरी डरी की
मन मा सांसों भरी की
लुकी छुपी डरी डरी की
मन मा सांसों भरी की
त्वै मिलण अयों छो
गाद गद्न्या तरी की
रूण झुण बरखा की झड़ी मा हां
सौण भादों की कोयेड़ी मा
ऐजा हे ऐजा हे गैल्या ऐजा
ऐजा हे ऐजा हे गैल्या ऐजा
(लड़का कहता है छुपते छुपाते डर डर के ,
मन में सांस भरते हुए ..तुझसे मिलने आया हु
इस भारी बारिश में झरनो को तैर तैर के

 अब तो आजा हे प्रिय आजा )
.
कुंवारी कुंगली गति मा बरखा धेड़ूँ की मार चा
कुंवारी कुंगली गति मा बरखा धेड़ूँ की मार चा
कनो करी ढकोंण छा ई चदरी की आड़ चा
सजण नि देंद मिलण नि देंद
सजण नि देंद मिलण नि देंद
जल्मों की बैरी बरखा रिसाड चा
ईं बरखा समजै जा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
(लड़की कहती हे की इस कुंवारी लड़की के 

कमजोर से शरीर में बारिश के थापेड़ो की मार
 में कैसे इस चुनरी की आड़ खुद को ढकु में । 
ये जन्मो से नाराज़ बारिश मुझे सजने नहीं देती 
ये मिलने नहीं देती इस बारिश को समझा दो । 
आजाओ प्रिय आजाओ )
.
गली नि जैली बून्द बरखा पाणी का जो पौडला
गली नि जैली बून्द बरखा पाणी का जो पौडला
खिळयूँ खिळयूँ रूप रंग और बी निखारला
नॉनी सी की गत मा मोतियों का बून्द
नॉनी सी की गत मा मोतियों का बून्द
थो खै निथर जाल तैरो कया बिगाडला
आंखियूँ की तिस बुझै जा
ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
..
(लड़का कहता है बारिश की बूँद पड़ने से गल नहीं जाओगी । 

बल्कि इस से खिला हुआ रूप और भी बिखर जायगा । 
छोटी सी ........ में बरखा की बूँद मोती समान चमकेंगे तो तेरा क्या बिगड़ जायेगा । 
बस तू आजा प्रिय आजा )
.
.
इकुली बिंदुली सुरमा लाल पौडर बगेगे
इकुली बिंदुली सुरमा लाल पौडर बगेगे
सज धज बिगाड़ी सियूंदी फुंदी रूझैगे
सौत सी निर्भगी ऐ हुली कख भटी
सौत सी निर्भगी ऐ हुली कख भटी
तन तरसे गे जान सुखै गे
ईं बरखा समजै जा
ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा

(लड़की गुस्से  में कहती  हे  की  मेरी बिंदी  ,सुरमा  ,पाउडर
सब के  सब बह  गए , मेरी  सारी  सज्जा  को बिगाड़  दिया 
सोतन  सी  निर्भग्य्वान  ये  बारिश  कहा  से आई  होगी 
मेरे  शरीर  को  तरसा  रही  है  ..मेरी  जान  को  सुखा  रही  है ..
इस  बारिश  को  समझा  दो ...आजाओ  आजाओ  रे  प्रिय  आ  जाओ .)
.
.
बरखा त निर्दोष च पर दोष क्वी जरूर चा
बरखा त निर्दोष च पर दोष क्वी जरूर चा
सच पूछ दी मैमा तेरी ज्वानी को कसूर चा
रत्नाली आंखीं घनघोर माया
रत्नाली आंखीं घनघोर माया
ज्वानी का नास मा तन मन चकाचूर चा
मन की बात बिंगे जा
ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा

(लड़का कहता  है  बारिश तो निर्दोष हे  ..दोषी  तो कोई   है .
सच में  कहू  तो  यह  तेरी  जवान  का  कसूर  है ..
 प्रेम  में  तेरी  आखे  रत्न  जैसी दिखती है  और जवानी के नशे  में
तन  और  मन  चकनाचूर  लगती है ..जो भी  तेरे मन  में  है  बोल  दे..
एक बार आज जाओ ..प्रिये  आजाओ ...)


ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा
ऐजा ऐजा रे गैल्या ऐजा


लिरिक्स आभार  : डॉ बाल  कृष्ण  ध्यानी  जी 


Baand ma ki baand chheyi tu ... Baand chheyi tu | Vinod rawat



बांद मा की बांद छेयी तू..
चाँद मा की चाँद छेयी तू..
बांद मा की बांद छेयी...चाँद मा की चाँद छेयी
सेरी दुनिया से न्यारी छेयी ..

तू बांद मा की बांद ...तू चाँद मा की चाँद..
तू स्वाणी बिगरेली ..तू मन की मयाली ...
सेरी दुनिया से न्यारी छेयी तू..मेरा हिया को प्यारी छेयी तू..

{इस गीत में नायक अपनी नायिका के सोंदर्य की तारीफ़ में कहता है
तेरा सोंदर्य चाँद में भी चाँद जैसा है ...सुन्दर कन्याओं में भी सबसे सुन्दर तू है
आगे जोड़ते हुए नायक कहता है की तू सारी दुनिया में सबसे न्यारी है , और मेरे दिल को प्यारी लगती है}

सुप्न्यु सी लगदु जब औंदी तू समणी..
दातोड्यु का बीच मा तू दबे के औठुडी
हे..सुप्न्यु सी लगदु जब औंदी तू समणी..
दातोड्यु का बीच मा तू दबे के औठुडी
ठग्यो सी रे जान्दो मि ..सोचण बे जान्दो मी ..
ठग्यो सी रे जान्दो मि ..सोचण बे जान्दो मी ..
कथगा स्वाणी न्यारी छेयी ...

कथगा स्वाणी न्यारी छेयी तू...मेरा हिया को प्यारी छेयी तू..

तू बांद मा की बांद ...तू चाँद मा की चाँद..
तू स्वाणी बिगरेली ..तू मन की मयाली ...
तू बांद मा की बांद ...तू चाँद मा की चाँद..
तू स्वाणी बिगरेली ..तू मन की मयाली ...

{आगे बढ़ते हुए नायक का कहना हे की
मुझे सपना सा लगता है जब भी तू मेरे सामने अपने होंठो को अपने
दांतों के बीच दबाये हुए आती है ..
मै ठगा सा महसूस करता हु और
सोचने बैठ जाता हु की तू कितना न्यारी है ...
मेरे दिल को कितनी प्यारी है..}

सब्यु से अलग तेरु बोलण बच्याण ...
सर्ग की अछरी सी छे ..अलग पछ्याण ..
रुड्यु का सी छेल माँ ...तिसरा सरेल मा ..
रुड्यु का सी छेल माँ ...तिसरा सरेल मा .
पाणी की सी धार ........

पाणी की धार छेयी तू. ........

तू बांद मा की बांद ...तू चाँद मा की चाँद..
तू स्वाणी बिगरेली ..तू मन की मयाली ...
तू बांद मा की बांद ...तू चाँद मा की चाँद..
तू स्वाणी बिगरेली ..तू मन की मयाली ...

{नायक ओर जोड़ता हैु तेरे बोलने का तरीका भी सबसे अलग है....
स्वर्ग से आई अप्सरा जैसी अलग ही पहचान है..
तू तो तेज गर्मी में छाव जैसी है....
प्यासे शरीर के लिए पानी की धार जैसी है ..}


Sunday, July 24, 2016 9:32 AM

Chhanyuma karyu deru by Narendra Singh Negi


वैसे तो  उत्तराखंड  समाज  अपनी  स्वच्छ जीवनशेली , शांत  स्वभाव,नीडरता  और इमानदारी  के  लिए  जाना  जाता  है  . पर कहते  है  न  की  कोई  भी  चीज़  100  पूर्ण  नहीं  होती . पूरे  देश  के  साथ  साथ  पहाड़ो  में  जातिवाद  का  जहर बुरी  तरह  फैला  हुआ है  . छोटी जात -बड़ी  जात  , ठाकुर- ब्राह्मण  की सोच  पहाड़ो  को  आज  भी  मिलकर  आगे  बढ़ने  नहीं  देती . एक बार  फिर  नरेन्द्र  सिंह  नेगी जी  आगे  आये  और  इस  गीत  की  रचना  कर  डाली .यह गीत  इसी  सोच  के  पीड़ित दो  युगल  जोडियो के  दर्द  को  उकेरता  है .जिसमे  लड़का  ब्राह्मण  और  लड़की  छोटी  जाति से है दोनों  एक  दुसरे  के  प्रेम  में है  पर इस  समाज  का  क्या  जो  दोनों को एकसाथ  नहीं  देख सकता  .आये  पढ़े और  सुने  पूरा  गीत .


छन्यु मा कर्यु डेरू ...
छन्यु मा कर्यु डेरू ...
घर गौ छुड्यु च...
धर्म जाती कु ..जन्दिरु तोड़यु च..
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर..
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर..

माया की जगी आग..मुंड मा धेरी च..
जानी बोझि की फाल ..अँधेरा मा मेरी च ..
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..

नि होंदु मै पुजारी ..ते निहोन्या ज्वानी कु..
नि हेरदु तो आंख्यु मा ..नि रोंदू सदानी कु..
नि होंदु मै पुजारी ..ते निहोन्या ज्वानी कु..
नि हेरदु तो आंख्यु मा ..नि रोंदू सदानी कु..
दुनिया समाज कु...दुनिया समाज कु...
मुख मोड्यू च.....
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर..
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर..

छुयाल छुई सराणा ..रिसाड रिसाड़ा...
तुम्हारी मेरी माया का गीत मिसाणा
छुयाल छुई सराणा ..रिसाड रिसाड़ा...
तुम्हारी मेरी माया का गीत मिसाणा

आँखा का दुड बूजी..आँखा का दुड बूजी..
बोगा सारि च...
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..

भितरा का बनया बेरी..भेरा का परवाण
अपेना हुया बेरी ...बिरानो की क्या लाण ...
भितरा का बनया बेरी..भेरा का परवाण
अपेना हुया बिराना ...बिरानो की क्या लाण ...
बात सुण सुणी की
बात सुण सुणी की जिया भर्यु च..
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर..
खडयोणि तेरा बाना ..लाठ्याली तेरे खातिर.

यु जग जगत मा हमारू..संजोग नि होणु
जिंदु रे के क्या पायी ...मरी जोला क्या खोणू
मन हवे गे बैरागी...सूद बूद खोयी च ..

दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..

दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..
दगडया तेरा बाना...लाठ्याली तेरा खातिर..




Thursday, July 21, 2016 10:34 PM

Jaika bana bolya banyu

जेका बाना बोल्या बन्यु ..विल भी बोल्या मा गन्यु..
जेका बाना बोल्या बन्यु ..विल भी बोल्या मा गन्यु..

जेका बाना बग्यु गाड वे ब्वनि .
वे ब्वनि ...वे ब्वनि ..
जेका बाना बग्यु गाड वे ब्वनि ..
होर जरे मछ्या मर्यु ...

जेका बाना बोल्या बन्यु ..
विल भी बोल्या मा गन्यु ..

ब्याली तक बाणे की बट्टी रे खेलनी ...
रे खेली ..रे खेली बट्टी रे खेली
ब्याली तक बाणे की बट्टी रे खेलनी ...
रे खेली ..रे खेली बट्टी रे खेली

आज बारू ह्व़े गे छन्यु ...
जेका बाना बोल्या बन्यु ..
विल भी बोल्या मा गड्यु ..
जेका बाना बोल्या बन्यु ..
विल भी बोल्या मा गन्यु ..

Wednesday, July 13, 2016 4:57 AM

Igasar gaya chha by jagdish bakrola



इगासर  जाया  छया  राशणी खुन की ...
इगासर  जाया  छया   राशणी खुन की ...
बास आणि  छ ..ए गयोआ  बोतल पी की ..
बास आणि  छ ..ए गयोआ  बोतल पी की ..

सुदी  सुदी  न केर  हल्ला  ...पूछ  ले  अक्वे  की ..
सुदी  सुदी  न केर  हल्ला  ...पूछ  ले  अक्वे  की ..
अपना पैसो की  पींदु ..क्या  च  डेर केकी ....

इगासर  जाया  छ  राशणी खुन की ...

रोज  पीना की  आदत केल  छ डाला...
मिथे जो  मील तो लेगे ड्यू धडाला ...
टुप ढप धरया च  पैसा हिसाब लगे की ..
इगासर  जाया  छया  राशणी खुन की ...
इगासर  जाया  छया   राशणी खुन की ...

भेंडी नि  पीई  मेन जरा  सी तो प्याया
क्या  ह्वे गयाय  लोली .मी ऐय गयो  घार ..

क्या  ह्वे गयाय...एय गयो मी  जरा  सी  लागेकी ...
अपना पैसो की  पींदु ..क्या  च  डेर केकी ....

Wednesday, July 6, 2016 11:51 PM

o bhana rangili bhana Kishan Mahipal



ये गीत चमोली  के  प्रतिभाशाली  गीतकार किशन  महिपाल  द्वारा  रचित एक  बेहद  ही  कर्णप्रिय रचना है  जिसमे मीना  राणा जी  ने  चार  चाँद  लगा  दिए  है .
यह गीत  भाना नाम  की पहाड़ी  लड़की  और  उनके  जीजा के  बीच  प्रेम वार्ता  को  दर्शाता  है . दोनों  ही दूर  रह के भी एक  दुसरे को  बहुत याद करते  है  और  एक दुसरे  को फ़ोन द्वारा हालचाल पूछते है . इसी प्लेटफार्म  में  यह गीत  रचा  गया  है .

ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..
भाना ओ रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..
ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..
भाना ओ रंगीली भाना बल ओ भाना रंगीली .

ओ भीना रंगीलो भीना मोहना रंगीलो ..
भीना ओ रंगीलो भीना मोहना रंगीलो ..
ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..
भाना ओ रंगीली भाना बल ओ भाना रंगीली .

हिमालय की ठंडी हवा, कुलाई की छाया ..
के दुनिया बातोंउ हे भाना तेरी मेरी माया..
के दुनिया बातोंउ हे भाना तेरी मेरी माया..2

ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..
भाना ओ रंगीली भाना बल ओ भाना रंगीली ..
पाणी को मसिक हे भीना ..पानी को मसिक..
तू भुलाण भूल जेई मै भूलू कसीक ..

पाणी को मसिक हे भीना ..पानी को मसिक..
तू भुलाण भूल जेई मै भूलू कसीक ..

ओ भीना रंगीलो भीना मोहना रंगीलो ..
भीना ओ रंगीलो भीना मोहना रंगीलो ..
ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..

जिकुडी म बसी च तेरी साँची प्रीत माणी ..
इथे जो कु उथे जो ..सुचदु रात ब्याणी..
जिकुडी म बसी च तेरी साँची प्रीत माणी ..
इथे जो कु उथे जो ..सुचदु रात ब्याणी..
थुबके ऐय जा बेठ जा तू मेरी सिरानी .
थुबके ऐय जा बेठ जा तू मेरी सिरानी .
ओ भाना रंगीली भाना ओ भाना रंगीली ..

daandyu kya dool khilala by Narendra singh negi


डाँडो क्या फूल फुलाला ...
डाँडो क्या फूल फुलाला ...
( डाँडो क्या फूल फुलाला ...
डाँडो क्या फूल फुलाला ...)
डाँडो फूलला जयाण ...
डाँडो फूलला जयाण ...
डाँडो जायाण फूलला ..
तेरा समे सर छुलाला ...
( डाँडो जायाण फूलला ..
तेरा समे सर छुलाला ...)
सुफला केसों फूल ...
सुफला केसों फूल ...
(सुफला केसों फूल ...
सुफला केसों फूल ...)

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