Wednesday, July 6, 2016 11:12 PM

pichne pichne ku holu aanu .... narendra singh negi

पिछने पिछने कु होलू आणू
घर्या बिरालु सी पूछ हिलाणु
म्याऊ म्याऊ ......उ उ उ
म्याऊ म्याऊ ......उ उ उ
अगने अगने कु होली जाणी ...
रूप की रंग की धॊन्स ज़मानी ...
देखा तोउ ....देखा तौ ....
पिछने पिछने ...अजी अग्ने अग्ने .....

Rashmi Chalaya Teru mijaj dekhi

रश्मि छ्लाया रे..तेरु मिजाज देखि ..
चित ह्व़े गी चंचल चौन्ठी मा तिल देखि ....
( रश्मि छ्लाया रे..तेरु मिजाज देखि ..
चित ह्व़े गी चंचल चौन्ठी मा तिल देखि ....)
सुरमा पडिगे तेरी आंख्यु मा सजिलू
हे मेरी मायादार छाक्वे माया ल्वालू
भूली न जेई तू सौ करार
हे मेरी बांद माया दिलदार
अरे सजीली मुखड़ी
दांती छपाक देखि ...
मन हवे गी उदास
सजीली श्रृंगार देखि ।
मन ह्व़े गे चंचल ...
चौन्ठी कु तिल देखि ।

Ganiyu ki ganga saaniyo ka samondar - गनियु की गंगा नरेन्द्र सिंह नेगी



गाणियु की गंगा ...स्याणीयो का समोंदर ...
छ मेरा मन मा ....ये मन मा .....
गाणियु की गंगा ...स्याणीयो का समोंदर ...
छ मेरा मन मा ....ये मन मा .....
एक ही बूँद समय साखी बस ...
एक ही बूँद समय साखी बस ...
कंठ कलम मा ये जन्म मा ....
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
ज्ञान की गंगा मा गोटन लगेन...
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
ज्ञान की गंगा मा गोटन लगेन...
अंधेरो मा अट्गी ...मृग सी भत्गी ...
गाणियु की गंगा ...स्याणीयो का समोंदर ...
छ मेरा मन मा ....ये मन मा .....
गाणियु की गंगा ...स्याणीयो का समोंदर ...
छ मेरा मन मा ....ये मन मा .....
एक ही बूँद समय साखी बस ...
एक ही बूँद समय साखी बस ...
कंठ कलम मा ये जन्म मा ....
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
छाला बेठ बेठी मुखडी छ्लाई
ज्ञान की गंगा मा गोटन लगेन...
अंधेरो मा अट्गी ...मृग सी भटकी ...
अंधेरो मा अट्गी ...मृग सी भटकी ...
मन वन वनों मा... मन वन वनों मा...
गाणियु की गंगा ...स्याणीयो का समोंदर ...
छ मेरा मन मा ....ये मन मा .....

Jyudi Maya ki mera gala pere de .. Narendra Singh Negi and Anuradha Nirala

Song Name: Jyudi Maya ki mera gala pere de .. 
SInger : Narendra Singh Negi and Anuradha Nirala
Album : Dagrya 

ज्युड़ी माया की मेरा गला पेरे दे ...
ज्युड़ी माया की
ज्युड़ी माया की मेरा गला पेने दे ...
तेरा पिछानि पिछनि औनू रोलु ....
ज्युड़ी माया की
ते बिसार की ...
ते बिसार की ...जगह मै सजे दे ..
ते बिसार की ...जगह मै सजे दे ..
तेरी चौन्ठ्यु की भुकि पिणु रोलु ...
ते बिसार की ... ते बुलाक की ..
ज्युड़ी माया की मेरा गला पेरे दे ...

#jyudiMayaKi #narendraSinghNegi 

Monday, January 25, 2016 5:26 AM

bandi dinu ma dikhe aaj narendra singh negi



जब किसी को किसी से प्रेम होता हे तो उसे हर वो चीज़ अच्छी लगने लगती हे जो उसके साथी से जुडी हो ..नेगीजी का यह बहुत खुबसूरत प्रेम गीत इस बात का सटीकता से वर्णन करता हे ।

बंडी दिनु मा दिखे आज ~एल्बम तुमारी माया मा ..

बंडी दिनु मा दिखे आज दिन आजकू जुगराज
बंडी दिनु मा दिखे आज बंडी दिनु मा...

{प्रेम में पड़े लड़के को आज का दिन बेहद ख़ास लग रहा है क्युकी आज उसे बहुत दिनों बाद वो दिखाई दी जिसके लिए वेह रोज इन्तजार करता है । }

सेणा हुया वो बाटा घाटा...
राजी राया वा दिशा धार... राजी राया
जोनि जोडिका सोंजाडया मिलेनि ..
राखी मायादारु की लाज...

{लड़का उन रास्तो को और उन दिशाओं को दुआये दे रहा है जिनके कारण वेह उस से मिल पाया है जिन्होंने उसके प्रेम की लाज बनाये रखी।}

बंडी दिनु मा दिखे आज दिन आजकू जुगराज
बंडी दिनु मा दिखे आज बंडी दिनु मा...
फुल्या फल्या वो पाखा वो पेंडा हेरा भरा रयान वू पुंगडीयूँ का मींड़ा
हेरा भरा हेरा भरा
जो सार्यु भीटी हिटिकी तू आई तौं सारयुं खार्युन हो अनाज..

{लड़का उन पेड़ो को हरे भरे रहने की दुआए देता है उन खेतो में अच्छे और बहुतायत में अनाज होने की दुआये देता जिन खेतो से गुजर कर वो उस तक पहुची है ।}

बंडी दिनु मा दिखे आज दिन आजकू जुगराज
बंडी दिनु मा दिखे आज बंडी दिनु मा..

ब्याली भीटी भाब्रानी छे आग बिन्सरी बीटी बसनु रे काग..
बिन्सरी बीटी बिन्सरी बीटी
आस न टूटन दे तिन कागा ...
कागा तेरा मुंड सुनो ताज.....

{लड़का उस आग को भी धन्यवाद देता है जो कल से भबरा रही थी , उस कौवे को धन्यवाद दे रहा है सुबह से काव काव कर रहा है..और दुआओ में उसके सर में ताज होने की कामना करता है }

बंडी दिनु मा दिखे आज दिन आजकू जुगराज
बंडी दिनु मा दिखे आज बंडी दिनु मा...

मालू ग्वीरालू का बीच malu gweeralu ka beech - narendra singh negi


मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

गोरी मुखडी मा हो लाल होंटडी जनि आहा 

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

बांज आयारु कु बोण, फुल्यु बुरांस कनु, 
हेरी साडी मा बिलोज लाल पर्यु जनु.

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

कुत्तर किन्गोड़ कफल, काली हिंसर लरतर 
रसुला देवदारु की ठंडी ठंडी हवा सर सर 

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

खिली मखमली बूग्यालू , मा सरल मा क्या बुलन
आंखी रेह्गेनी देखदी, स्वर्ग पहुचीगी मन 

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

यन्न मा होलू कन जू मन माया नी जोड़लू 
खेल माया कु ना खेल, पछतौन पोडालू

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

केल कुलायु की सेर , तेरा गेल फिर कब,
राजी राली दांडी काँठी, ऋतू बोडली जब, 

मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,
मालू ग्वीरालू का बीच खीनी सकीनी आहा,,,,

Saturday, January 16, 2016 5:08 AM

Saruli meri jiya lagige | saruli lyrics




आहा! सरुली मेरु जिया लगी गे ..
तेरी रौत्याली मुखडी मा ..
ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..
पहुची तेरी कुमो गढ़ मा ...
ओहो! सरुली मेरु जिया लगी गे ..
तेरी रौत्याली मुखडी मा ..
अहा तेरी रौत्याली मुखडी मा ..
हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..
तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..
अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..
कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा ...
{हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..
तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..
अहा तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..}
******बांसुरी धुन **********
अहा स्वाणु तेरी चौन्ठी कु तिल ..
हस्दु गलानो माँ दिखेंदा तिल ..
अहा स्वाणु तेरी चौन्ठी कु तिल ..
हस्दु गलानो माँ दिखेंदा तिल ..
तेरी आंखी घेल करंदी ..
गिची चुप रे भी छुई लगान्दी ..
मुखडी मा ..
(गढ़वाली सोंग लिरिक्स ..)
ओ मुखडी मा जा पाक मारे दयो ..
मर्या मिट जो पातूली वन्ठुरियो मा ..
आहा! सरुली मेरु जिया लगी गे ..
तेरी रौत्याली मुखडी मा ..
ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..
पहुची तेरी कुमो गढ़ मा ...
हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..
तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..
अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..
कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा ...l


हो मेन सोची त्वे बुलेयी द्योऊ ..
ओ दुरु धारू ल कुमो ल्यो ऊ ..
हो मेन सोची त्वे भेटेयी  द्योऊ ..
दुरु धारू ल कुमो ल्यो ऊ ..
बसुली  मा जब गतार यनु च 
देखा त से तब यफ कनु च .
ओ कनु होलू ..ओ कनु होलू
कख होलू बिचारु ..
काखी दूर यकुली ब्यकुली मा ..
हे सुम्याल मेरु जिया लगी गे  ..
तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..
अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..
कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा ...l

ओ सरुली ...

ओ मेन हिवेली डाडू छोड्याली ..
तेरी बेली सिरोंणु धेर्याली ..
मेन हिवेली दांन्दू छोड्याली ..
तेरी बेली मा सिरोंणु धेर्याली ..
अब तो कुछ न कुछ कन ही पोडालो ..
माया लेली तो तभी बचोलू ..
अजो मेरी ...
अजो मेरी इखरी माया च ..
तेरी जिया सी दान्तार्यु मा ..
आहा 
सरुली मेरु जिया लगी गे ..
तेरी रौत्याली मुखडी मा ..
ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..
पहुची तेरी कुमो गढ़ मा ...
हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..
तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..
अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..
कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा ...l



ओ दान्द्यु बासुल्यो का दिन ऐना
ओ दान्द्यु बासुल्यो का दिन ऐन
ओ इनी फूलो पे खुदेना मेना
ग्वेर छोरोवो का घसेरियो का गीत
इन में कन कवी की कोई न करी प्रीत
ओ त्वे बिगर ..ओ त्वे बिगर अधूरी छो ..
जनि रालि न हो घंद्युली मा ..
हे सुम्याल मेरु जिया लगी गे  ..
तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..
अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..
कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा ...l


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